भागलपुर, जनवरी 3 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। 28 वर्षीय मधेपुरा के चौसा की सीमा देवी के कान में महीनों से दर्द रहा। क्षेत्र के डॉक्टर से इलाज कराया पर दिक्कत कम नहीं हुई। आखिरकार जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) में जांच कराई तो ईगल सिंड्रोम की पुष्टि हुई। इस बीमारी से अनजान रही सीमा को बेवजह महीनों दवा खानी पड़ी। इसी तरह मुंगेर जिले के अगरपुर निवासी रमेश कुमार भी इस रोग से अनजान रहे। कान के पीछे असहनीय पीड़ा से राहत के लिए महीनों दवा खाते रहे। मायागंज अस्पताल के ईएनटी में डॉक्टर को दिखाया, तब जाकर असल बीमारी पकड़ में आई। कान और जबड़े के बीच पनप रही बीमारी ईगल सिंड्रोम से अनजान ये दो मरीज तो सिर्फ उदाहरण हैं। मायागंज अस्पताल के ईएनटी विभाग में इस तरह के मामले हाल के महीनों में कुछ ज्यादा देखने को मिले हैं। साल 20...