देहरादून, दिसम्बर 10 -- दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में महिला उत्तरजन सोसाइटी के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर 'स्त्री हिंसा का सच बनाम स्त्री समानता का कठिन स्वप्न' पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी में महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत बताई गई। कार्यक्रम की संयोजक बिमला रावत ने कहा कि वर्ष 2017 से महिलाओं और बेटियों के सवालों पर काम कर रही सामाजिक संस्था महिला उत्तरजन सोसाइटी कुछ वर्षों से इस विषय पर समाज और शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस मुद्दे को उठा रही है। यह इसलिए जरूरी है कि आज समाज में महिला हिंसा घिनौने और विकृत रूप में दिखाई दे रही है। यदि समाज ने इसकी निंदा नहीं की तो एक दिन समाज फिर विकृति की ओर लौट सकता है। वक्ताओं का मानना था कि समाज में फैली स्त्री हिंसा एक ...