नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- केंद्र ने बुधवार को 'शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी)' की महिला सैन्य अधिकारियों को उनके पुरुष समकक्षों की तुलना में स्थायी 'कमीशन' (पीसी) देने में किसी भी तरह के भेदभाव से इनकार किया। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि सभी मापदंडों का विधिवत पालन किया जा रहा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने केंद्र एवं सेना की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से सवाल पूछे। भाटी ने बताया कि स्थायी 'कमीशन' देने में नीतिगत निर्णय का पालन किया जा रहा है। शीर्ष अदालत में याचिका दायर करने वाली महिला अधिकारियों की दलीलों का विरोध करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उन अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) वास्तव में लैंगिक रूप से समान है तथा उसमें कि...