नई दिल्ली, नवम्बर 9 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दो जजों के खिलाफ प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। दोनों जजों पर एक महिला वकील द्वारा 51 वर्षीय एक सीनियर वकील पर दर्ज कराए गए रेप केस में अपने आरोप वापस लेने का दबाव डालने का आरोप है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी वकील की अग्रिम जमानत रद्द कर दी और कहा कि जमानत रद्द करने का एक मुख्य आधार कानूनी प्रक्रिया में दखल देना है। जस्टिस अमित महाजन ने अपने आदेश में कहा कि मामले में दोनों पक्षों ने 'न्याय का पूरी तरह से मजाक' उड़ाया है। जस्टिस महाजन ने कहा, ''इस मामले में सामने आई परिस्थितियां इतने ज्यादा गंभीर हैं कि उन्होंने इस कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। इससे साफ पता चलता है कि न्याय के काम में दखलअंदाजी की गई है, जिसके चलते रेस्पोंडेंट नंबर 2 (आरोपी) को दी गई आजादी में दखल...