नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- रीमा मल्होत्रा,पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर विश्व कप में टीम इंडिया की खिताबी जीत देश में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल सकती है। 1983 में जब हमारे पुरुष खिलाड़ी पहली बार विश्व विजेता बने थे, तब जिस तरह का जोश व जुनून गांव-गांव में देखा गया था, ठीक उसी तरह की दीवानगी अब लड़कियों में महसूस की जा सकेगी। दरअसल, ऐसी जीत मिलने के बाद चीजें सकारात्मक दिशा में बदलती हैं। यह भरोसा पैदा होता है कि क्रिकेट में भी करियर है, आर्थिक स्थिरता है और सबसे अधिक आत्मनिर्भरता है, जो हरेक माता-पिता या लड़की का सपना होता है। यह जीत संदेश दे रही है कि यदि प्रतिभा है, तो उसे दिखाने का स्टेज भी अब है। इन सबसे हालात कितने बदल सकते हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मेरी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2003 में हुई थी और 2005 में...
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