नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की महिला सैन्य अधिकारियों ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गलवान, बालाकोट और हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लेने के बावजूद उनके साथ स्थायी कमीशन देने में पुरुष समकक्षों की तुलना में भेदभाव किया गया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ को सेवारत और सेवामुक्त महिला अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ने 2020 और 2021 में शीर्ष अदालत द्वारा जारी निर्देशों का बार-बार उल्लंघन किया है। कुछ अधिकारियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना ने पीठ से कहा कि उन्होंने 2020 और 2021 में जारी आदेश का बार-बार उल्लंघन किया है और महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने में भेदभाव किया है। मोहना ने कहा कि केंद्र ने स्थायी क...
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