फतेहपुर, जनवरी 15 -- फतेहपुर। बाल संवेदी कोनो के निर्माण से बच्चों की परवरिश, टीकाकरण, वृद्धि की निगरानी आवश्यक है। ब्रेन मैपिंग, बाल गीतों जैसी गतिविधियों से मानसिक, शारीरिक और बुद्धि के विकास को महत्वपूर्ण कदम बताया। यह बात नवनियुक्त आंगनबाड़ी प्रशिक्षण के दूसरे बैच समापन में विक्रम शिला संस्थान से राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सोनल रुबी व अजय लावरे ने प्रशिक्षण के दौरान कही। जिले में नवनियुक्त 326 आंगनबाड़ियों को सात बैचों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाना है। क्षेत्रीय जिला ग्राम्य विकास ग्राम्य विकास संस्थान में सघन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे बैच के अंतिम दिन डीपीओ दीप्ति त्रिपाठी के निर्देशन पर सीडीपीओ अजय सिंह, अर्जुन सिंह, शिव कुमार, माधुरी सिंह व वैन लीर फाउंडेशन के अनुभव गर्ग ने आंगनबाड़ी कायाकल्प पर फोकस किया। लाइटहाउस आंगनबाड़ी ...