मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 7 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता निराला निकेतन में रविवार को मासिक महावाणी स्मरण सह कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कवि सतेंद्र कुमार सत्येन की विदेशिया शैली पर आधारित भोजपुरी रचना 'नया न्योतार कनिया घरबा में छोड़ी के....', कवि डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह की रचना 'बसंत आ गया खिली फूलों की कली...', कवि ओम प्रकाश गुप्ता की नारी सम्मान पर केंद्रित विशेष रचना 'प्रश्न बनकर दुनिया, जब सामने खड़ी हो...जब कभी जीवन में, मुश्किल की घड़ी हो...' पर खूब तालियां बजी। कवियत्री ऊषा किरण श्रीवास्तव की रचना 'तनी बताब नंदी बाबा,भोले के सवरियां..', कवि अंजनी कुमार पाठक की रचना 'याद आती है वो पुरानी बातें...', शशिरंजन वर्मा की रचना 'कोई और नहीं होती जो मां होती है..', मुक्तक के सशक्त हस्ताक्षर कवि दीनबंधु आजाद की 'मुक्तक जिंदगी में आपकी ...
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