मथुरा, नवम्बर 9 -- मांट। क्षेत्र के महालक्ष्मी मंदिर जहांगीरपुर में रविवार को कलश यात्रा से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा एक सप्ताह चलेगी। इसके पहले दिन कथा व्यास ब्रजेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत के प्रारंभिक श्लोक में भगवान को प्रणाम कर उनके स्वरूप, स्वभाव एवं लीलाओं का वर्णन किया गया है। भागवत को समझना भगवान को समझने के समान है। भागवत श्रवण अमृत पान के समान है, इससे जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने भागवत का महिमा वर्णन कर कहा कि सबसे पहले शुकदेवजी ने राजा परीक्षित को भागवत सुनाई थी। परीक्षित को सात दिनों में तक्षक नाग के दंश से मृत्यु का श्राप था। उन्होंने सात दिनों में भागवत कथा सुनकर मोक्ष प्राप्त किया था। शुभारंभ पर निकाली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इसमें महिलाओं ने सिर प...