प्रयागराज, दिसम्बर 5 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के राष्ट्रीय शिल्प मेले के पांचवें दिन महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार व तमिलनाडु की जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं व सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। केंद्र के मुक्ताकाशी मंच पर महाराष्ट्र से आईं लोक कलाकार दिव्या सुधीर भावे व उनकी टीम ने लावणी लोकनृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। झारखंड के सृष्टि धर महतो ने महिषासुर मर्दिनी पर आधारित छाऊ नृत्य की प्रस्तुति से समां बांधा तो बिहार से आए उदय सिंह व साथी कलाकारों ने दीपक युक्त मटकों के साथ झिंझिया नृत्य की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर दिया। तमिलनाडु के एस. ममीनाथन ने वहां के पारंपरिक थुटुमबट्टम व ऊरुतुम नृत्य की प्रस्तुति की। लोकगायिका श्रुति चौहान ने सुरमई आवाज में एक राधा एक मीरा व श्रीरा...