हमीरपुर, नवम्बर 12 -- भरुआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था के तत्वावधान में मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि एवं आदिवासी सूरमा बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने कहा कि इन विभूतियों का अपना अलग अलग महत्व है। मालवीय के परिवारीजन मालवा से आए थे। इस कारण ये मालवीय कहलाए। इनका जन्म 25 दिसंबर 1861 को ब्रजनाथ और मूना देवी के घर प्रयागराज में हुआ था। प्रारंभ से ही देशसेवी सोच वाले मालवीय ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक किया था। बिरसा मुंडा का 12 नवंबर 1875 को झारखंड में सुगना और कर्मी के घर जन्म हुआ था। ये आदिवासियों के नायक थे। इन्होंने उलगुलान आंदोलन चलाया था, जो आदिवासियों के लिए था। ये मात्र 25 वर्ष की उम्र में 12 नवंबर 1900 को नहीं रहे। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्...