बागपत, जुलाई 29 -- नगर में 16 मंडलीय, 16 दिवसीय महामंडल शांति विधान का आयोजन किया गया। चौथा दिन भगवान शांतिनाथ की आराधना और अभिषेक के लिए समर्पित रहा। जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, समृद्धि और सद्भाव स्थापित करना है। विश्व शांति के लिए विधान के साथ प्रात: 6 बजे पूजन शुरू हुआ। जिसके बाद मंडल विधान की पूजा हुई, इस पूजा में 16 पुण्यार्जक परिवार शामिल हुए। जिसमें प्रत्येक भाग में कम से कम 8, 16, 32, 64 अघ्र्य चढ़ाए गए और 5 महा अघ्र्य भी अर्पित किए गए। विधान में सो धर्मेंद्र बनने का सौभाग्य अरुण जैन ज्वैलर्स परिवार को मिला। मुनि 108 नयन सागर महाराज ने विधान के माध्यम से कहा कि उत्तम क्षमा सबसे बड़ा धर्म होता है। उत्तम क्षमा को सबसे बड़ी क्षमता बताते हुए कहा कि कषायों का वजन कम करने के लिए क्षमा धर्म अत्यंत आवश्यक है और यह गलती का प्रायश्चित भी...
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