संभल, जुलाई 26 -- महाभारत काल से जुड़े सरथल खेड़ा मंदिर और उससे जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने शुक्रवार को एसडीएम आशुतोष तिवारी से इस बारे में वार्ता की और सन् 1958 के दस्तावेज प्रस्तुत किये। 17 बीघा पुरातात्विक भूमि का सर्वे कराकर पर्यटन के लिए विकसित करने की अनुमति मांगी है। सरथल खेड़ा पहले संभल में हुआ करता था अब मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र का हिस्सा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण टीम की प्रभारी नीति सिंह ने बताया कि बिलारी क्षेत्र के सरथल खेड़ा क्षेत्र का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व अत्यंत विशिष्ट है। यहां स्थित प्राचीन देवी मंदिर, राम सागर तालाब और अन्य अवशेषों को संरक्षित करते हुए एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे स्...
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