नई दिल्ली, जनवरी 29 -- विवेक शुक्ला,वरिष्ठ पत्रकार आज महात्मा गांधी का बलिदान दिवस है। देश उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। आज के दिन उनकी उन कोशिशों को खास तौर पर याद करने की जरूरत है, जिनके लिए उनकी हत्या कर दी गई। 30 जनवरी, 1948 को अपनी हत्या से मात्र तीन दिन पहले गांधी जी ने दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित हजरत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह का दौरा किया था। यह दौरा सांप्रदायिक सद्भाव और शांति-स्थापना की दिशा में उनकी अंतिम कोशिश थी। देश के बंटवारे के बाद हुई हिंसा में भारत-पाकिस्तान के लाखों लोगों की जान गई, करोड़ों विस्थापित हुए और सांप्रदायिक हिंसा की आग पूरे उप-महाद्वीप में फैल गई। हिंदू और सिख शरणार्थी पाकिस्तान से आकर दिल्ली में बस रहे थे, जबकि मुसलमानों को असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा था। मंदिरों, मस्जिदों, दरगाहो...
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