नई दिल्ली, जुलाई 15 -- मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी कहा जाने वाला उज्जैन पूरी दुनिया में काफी मशहूर है। यहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक महाकाल मंदिर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है। ये जगह महाकालेश्वर मंदिर के अलावा हर 12 साल में लगने वाले कुंभ मेले के लिए भी फेमस है। ये मंदिर आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव मृत्यु और समय के देवता हैं। इसी कारण उन्हें महाकालेश्वर कहा जाता है और इस मंदिर को महाकाल मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। आइए, जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कहानी।स्वयंभू है महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में स्थित महाकाल लिंग स्वयंभू हैं। महाकालेश्वर के लिंग को दक्षिण मुखी भी कहा जाता है। अलग-अलग पुराणों के अनुसार, महाकाल मंदिर देश के उन बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.