नई दिल्ली, जनवरी 27 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में 'वीआईपी दर्शन' की प्रथा को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में मंदिर में वीआईपी दर्शन की प्रथा को खत्म करके सभी श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने की इजाजत देने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति आर महादेवन और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि 'यह तय करना हमारा काम नहीं है, हम न्यायोचितता के सवाल पर हैं। लेकिन इसके लिए, जो लोग मामलों को संभाल रहे हैं यानी मंदिर का प्रबंधन देख रहे हैं, वे फैसला लें, अदालत।' पीठ ने कहा कि अगर अदालत यह नियमन करना शुरू कर दे कि किसे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश की इजाजत मिलनी चाहिए और किसे नहीं, त...