कटिहार, जुलाई 11 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व गुरुवार को कटिहार जिले में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और संत भावना के साथ मनाया गया। जिले भर के सत्संग मंदिरों, आश्रमों और श्रद्धा स्थलों पर महर्षि मेंही परमहंस की शिक्षाओं का अनुपम प्रभाव दिखाई दिया। गामी टोला, मिर्चाईबाड़ी, एन-31 स्थित संतमत सत्संग मंदिर कुर्सेला, मनिहारी, नवाबगंज, फलका, कोढ़ा, समेली समेत दर्जनों जगहों पर श्रद्धालु आत्मिक ज्ञान की गंगा में डूबते रहे। संतमत की परंपरा में दीप जलाते रहे भक्त महर्षि मेंही परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संतों और वक्ताओं ने कहा कि वे संतमत परंपरा के युगद्रष्टा संत थे, जिन्होंने वेद, उपनिषद, गीता और संत साहित्य को ध्यानयोग और नादानुसंधान की साधना से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुंचाया। उनके बताए मार्गो में मानस जप, मानस ध्यान...
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