हरिद्वार, फरवरी 12 -- स्वामी दर्शनानंद गुरुकुल महाविद्यालय में आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती गुरुवार को मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुकुल की यज्ञशाला में वैदिक विधि से यज्ञ कर हुई। इसके बाद वक्ताओं ने महर्षि दयानंद के जीवन, वैदिक दर्शन और समाज सुधार कार्यों पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि संस्कृत शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद ने भारतीय समाज को अंधविश्वास और कुरीतियों से मुक्त करने का मार्ग दिखाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विरक्त देव ने कहा कि महर्षि दयानंद सती प्रथा के विरोधी और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। डॉ. हेमंत तिवारी ने वेदों की ओर लौटो के संदेश को समाज में वैदिक मूल्यों के पुनर्जागरण का आधार बताया। स्वाम...