नई दिल्ली, जनवरी 20 -- दिल्ली के महरौली इलाके में स्थित 13वीं सदी का ऐतिहासिक जलाशय हौज-ए-शम्सी अब प्रदूषण से निजात पाने की राह पर है। सालों से कचरे के ढेर और सीवेज की वजह से जूझते इस तालाब को बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।सुल्तान इल्तुतमिश का सपना और तालाब का निर्माण यह जलाशय दिल्ली सल्तनत के सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने 13वीं शताब्दी में बनवाया था। लोक कथा के अनुसार, सुल्तान को सपने में पैगंबर एक घोड़े पर सवार दिखे। जागने पर वे उसी जगह पहुंचे, जहां घोड़े के खुर का निशान और प्राकृतिक जल स्रोत मिला। इसी आधार पर उन्होंने यहां विशाल तालाब बनवाया। बीच में 12 स्तंभों वाला गुंबदनुमा मंडप बनाया गया, जो उस खुर के निशान को संरक्षित करता है। एक तरफ जहाज महल है, जो लोदी काल का है। कभी यह तालाब 100 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में ...