पूर्णिया, फरवरी 11 -- जलालगढ़, एक संवाददाता। प्रखंड के महतो नगर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम का मंगलवार संध्या समापन हुआ। समापन अवसर पर हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति व आध्यात्मिक वातावरण में प्रवचन का श्रवण किया। सत्संग में महर्षि मेही परंपरा के संत स्वामी आत्मानंद ने प्रवचन देते हुए कहा कि ईश्वर भक्ति का सही मार्ग तभी संभव है जब मनुष्य ईश्वर के स्वरूप को समझने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि इंद्रियों से जो कुछ भी अनुभव होता है वह माया है, जबकि परमात्मा मायातीत है। इसलिए सच्ची भक्ति बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि आंतरिक साधना और आत्मचिंतन से संभव है। इस अवसर पर हरिनंदन बाबा ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरु भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सुबह-शाम गुरु का स्मरण और उनके बताए मार्ग पर चलने से ही जीवन में...