पूर्णिया, जनवरी 16 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।वर्तमान परिदृश्य में घटते हुए कृषि भूमि क्षेत्र, खाद्यान्न उत्पादन की चुनौतियां, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी तथा कुपोषण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर द्वारा अनेक रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के निर्देश व मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय निरंतर ग्रामीण युवाओं, किसानों एवं उद्यमियों को स्वरोज़गार से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में अधिष्ठाता कृषि डॉ. अजय कुमार साहा के सहमति पर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में ग्रामीण उद्यमिता और स्थायी आय को सशक्त बनाने में मशरूम स्पॉन उत्पादन तकनीक की भूमिका विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 15 से 17 जनवरी तक ग्रामीण रोजगार और सतत आजीविका के लिए मशरू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.