नई दिल्ली, अगस्त 4 -- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बायोटैक्नोलॉजी विभाग के साथ मिलकर मलेरिया रोधी वैक्सीन को तैयार किया है। अब इस वैक्सीन को बाजार में उतारने के लिए परिषद ने प्राइवेट कंपनियों आवेदन करने का आग्रह किया है। हालांकि इस मामले के जानकार लोगों के मुताबिक इस वैक्सीन को पूरी तरह से तैयार होने में और बाजार में आने में अभी भी करीब 6 से 7 साल लगने की संभावना है। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्वदेशी वैक्सीन को पूरी तरह से तैयार होने में अभी कई चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले इसे 'गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस और प्रोडक्शन, टॉक्सिलॉजी' की कसौटी पर खरा उतरना होगा, जिसमें कम से कम 2 साल का समय लगेगा। उसके बाद क्लिनिकल ट्रायल, जिसमें रेग्यूलेटरी अप्रूवल भी शामिल होगा, इसमें भी कम से कम दो साल का समय लगेगा। इसके बाद फेज 2ब...
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