मिर्जापुर, अक्टूबर 18 -- लहगंपुर,हिन्दुस्तान संवाद। कोल्हुआ गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा में शनिवार को कथा वाचक दिनेशानंद महाराज ने श्रीराम जन्म प्रसंग का दिव्य वर्णन किया। श्रीराम जन्म की कथा के श्रोताओं की भीड़ रही। महाराज ने कहा कि अयोध्या में महाराज दशरथ की तीन रानियों कौशल्या, कैकयी और सुमित्रा के यहां वर्षों की तपस्या और यज्ञ के बाद प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। जब प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ तब संपूर्ण अयोध्या नगरी उल्लास और मंगल ध्वनि से गूंज उठी। देवताओं ने पुष्पवर्षा की। नदियां कलकल बहने लगीं और वातावरण में दिव्यता फैल गई। कथा वाचक ने कहा कि भगवान राम का जन्म केवल एक अवतार नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और करुणा की पुनर्स्थापना का प्रतीक था। उनका आगमन यह संदेश देता है कि जब भी अधर्म बढ़ता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.