जयपुर, फरवरी 14 -- राजस्थान में पानी का संकट सिर्फ आसमान की बेरुखी नहीं, जमीन के नीचे की खामोशी भी है। बारिश कम होती है, लेकिन उससे बड़ा संकट यह है कि हम जितना पानी जमीन से खींच रहे हैं, उतना वापस भर नहीं पा रहे। नतीजा- भूजल स्तर हर साल नीचे जा रहा है। इस तरह जल संकट के नजरिए से देश के सबसे संवेदनशील राज्यों में से एक राजस्थान है। राज्य का लगभग दो-तिहाई हिस्सा थार मरुस्थल (रेगिस्तान) में बसा है। इसके चलते प्राकृतिक रूप से मौजूद पानी की सीमित मात्रा उपलब्ध हो पाती है। ऊपर से अनियमित मानसून और बढ़ती आबादी ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा मात्र 531 मिमी है, जो राष्ट्रीय औसत का लगभग आधा है। ऐसे में बारिश पर निर्भरता जोखिम भरी साबित होती है। 'मरुधर' सीरीज के दूसरे अंक में पढ़िए राजस्थान में पानी की कमी और गुणवत्ता से ज...
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