नई दिल्ली, अगस्त 6 -- यह कहानी ना तो किसी प्रेमी की बेवफाई की है, ना किसी हत्या की। यह है एक पागलपन भरे प्यार की सच्ची दास्तान, जहां एक शख्स ने मौत के बाद भी अपने प्यार की लाश के साथ कई साल गुजार दिए। साल 1931 में 22 साल की एलेना डी होयोस को टीबी हो गया। इलाज के लिए उसे फ्लोरिडा के मरीन अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं उसकी मुलाकात कार्ल टैंज्लर से होती है, जो रेडियोलॉजिक टेक्नीशियन था। उसने खुद को काउंट कार्ल वॉन कोजेल बताया। टैंज्लर ने दावा किया कि उसने बचपन में एक सपने में एक काली बालों वाली महिला को देखा था, जो उसकी सच्ची प्रेमिका है। वह उसे एलेना में देखता था। कार्ल टैंज्लर ने एलेना को बचाने के लिए अजीबोगरीब इलाज किए। घरेलू टॉनिक, बिजली वाले उपकरण और झूठे वादे दिए। उसने एलेना से अपने प्यार का इजहार किया, लेकिन एलेना ने उसे कभी स्वीका...
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