गाज़ियाबाद, जुलाई 9 -- गाजियाबाद। नशे की लत छुड़ाने के लिए मरीजों के खून की जांच से ड्रग्स का पता लगाया जाएगा। इससे सही इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी। पहले काउंसलिंग के माध्यम से ड्रग्स का पता लगाया जाता था। जिले में 83 नशा मुक्ति केंद्रों में करीब दो हजार मरीज इलाज करा रहे। केंद्रों में मरीजों के साथ आमानवीय व्यवहार की शिकायतें आम हो गई है। इन पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का मानसिक रोग अनुभाग केंद्र में मरीजों को भर्ती करते समय खून की जांच कराएगा, ताकि नशे के सेवन के प्रकार का पता लग सके। अभी मरीज जो बताते हैं, उसके आधार पर डॉक्टर उपचार करते हैं। इससे सटीक इलाज नहीं हो पाता। कुछ मरीज कई तरह का नशा एक साथ करते हैं। ऐसे में उन पर दवाओं का असर नहीं हो पाता। ड्रग्स का सही पता लगने के बाद इलाज में मदद मिलेगी। मानवीय आधार पर चल रहे अव...
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