सीवान, नवम्बर 22 -- पचरुखी, एक संवाददाता। प्रखंड के 17 पंचायतों के दर्जनों वार्डों में लगे जलमीनार इन दिनों शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। नलजल योजना के तहत स्थापित जलमीनारों के नल से पानी टपकना तो दूर, कई जगहों पर एक बूंद पानी भी नहीं निकल रहा है। मरम्मत की घोर उपेक्षा का आलम यह है कि अधिकांश जलमीनार महीनों से बंद पड़े हैं, जबकि कई स्थानों पर नलजल योजना का कार्य आज तक पूरा ही नहीं हो सका है। इससे भीषण गर्मी में लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने नलजल योजना के सुचारू संचालन और मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी पंचायतों से हटाकर पीएचईडी विभाग को सौंप दी है। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि जलमीनारों की देखभाल सुचारू रूप से होगी, लेकिन स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। प्रखंड के कुल 239 वार्डों में से लगभग पां...