हरिद्वार, जुलाई 4 -- श्रीमद्भागवत कथा केवल धर्म ग्रंथ नहीं, बल्कि साधक को मोक्ष की ओर ले जाने वाला जीवनदर्शन है। यह बात निर्धन निकेतन आश्रम खड़खड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषि रामकृष्ण महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित कर कही। उन्होंने कहा कि यह कथा मनुष्य के मन से मृत्यु का भय समाप्त करती है और उसे मोह-माया से दूर आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करती है। स्वामी ऋषि रामकृष्ण महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भगवान और भक्त के मधुर संबंध की कथा है, जिसके प्रभाव से मन शुद्ध होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे केवल कथा श्रवण तक सीमित न रहें, बल्कि उसमें बताए गए उपदेशों को जीवन में उतारने का प्रयास करें।
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