नई दिल्ली, जनवरी 30 -- जब जीवन में काम अटक जाते हैं, मन भारी रहता है, चिंता बढ़ती है और हर तरफ से रुकावटें नजर आने लगती हैं, तो ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में शनि देव की कृपा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है और इस दिन दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं, साढ़ेसाती-ढैय्या का दबाव घटता है और अटके काम बनने लगते हैं। राजा दशरथ द्वारा रचित यह स्तोत्र शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल और शक्तिशाली साधन है। शनिवार को नियमित पाठ से मन की भारीपन दूर होता है और जीवन में स्थिरता आती है।दशरथकृत शनि स्तोत्र की महिमा पौराणिक कथा के अनुसार, जब राजा दशरथ को शनि देव के क्रोध से बहुत कष्ट हुए और उनके पुत्र राम को वनवास जाना पड़ा, तब दशरथ ने शनि देव की स्तुति की। इसी स्तुति को दशरथकृत शनि स्...