बांदा, नवम्बर 29 -- बांदा। संवाददाता छोटी बाजार स्थित जैन चैत्यालय में शनिवार को प्रवचन में जैन संत बाल ब्रह्मचारी शांतानंद महाराज ने धर्म के बारे में बताया। कहा कि विवेक, ज्ञान, संयम, भावना और मोक्ष मार्ग यह पांच इंद्रियां हैं। ये तो जानवरों में भी हैं पर मोक्ष प्राप्त करने की क्षमता केवल मनुष्य में ही है। उन्होंने कहा कि सभी जीवों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ होता है। इसी मनुष्य भव से ही व्यक्ति आत्मा से परमात्मा बन सकता है, तप कर सकता है और पुरुषार्थ के जरिए अपना आत्म कल्याण कर सकता है। परमात्मा ने मनुष्य को बनाया है, जो दुर्लभ है। बहुत मुश्किल से ये भाव मिलता है। इसका सदुपयोग करो और धर्म के रास्ते पर चलकर अपनी आजीविका चलाओ। जैन चैत्यालय में रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। नृत्य व नाटक के माध्यम से गुरु तरण स्वामी एवं धर्म पर प्रकाश डाला।...
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