लखनऊ, जून 24 -- लखनऊ, संवाददाता। शास्त्री नगर के श्री दुर्गा जी मंदिर में चल रही भागवत कथा में मंगलवार को कथा व्यास माधव शरण दास महाराज ने भगवान की गोवर्धन लीला प्रसंग सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की गोवर्धन लीला है। इसमें भगवान अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाते हैं, लेकिन सब गोप ग्वालों को भी अपनी लाठी लगाने को कहते हैं। ये बहुत अहम संदेश है। जब तक जीव अपना पुरुषार्थ नहीं करता, भगवान मदद नहीं करते। गीता में भगवान ने कहा है कि मनुष्य को कर्म अवश्य करना चाहिए। उस कर्म का फल कब और कैसा मिलेगा, यह जानने का जीव का अधिकार नहीं है, क्योंकि फल मिलने में बहुत से कारक तत्व और पिछले कर्मों का लेखा जोखा भी मिला होता है। इसलिए कहा गया है कि कर्मों की गति बहुत गहन है।
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