प्रयागराज, मई 6 -- सनातन एकता मिशन की ओर से सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पं. प्रशांत कुमार मिश्र ने सती, ध्रुव, भरत, अजामिल, वृत्रासुर और प्रह्लाद के जीवन प्रसंग की कथा सुनाई। उन्होंने ध्रुव चरित्र कथा प्रस्तुत करते हुए कहा कि समर्थ गुरु के प्राप्त हो जाने पर पांच वर्ष का बालक भी भगवान को प्राप्त होने में समर्थ हो जाता है। जहां भगवान की निंदा हो वहां पर नहीं जाना चाहिए। मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र और शत्रु मन ही है। अशोक पाठक, त्रिपाठी विपुलेश, विनोद पाठक, आदित्य पाठक, दिवाकर तिवारी, राजेश पांडेय, पवन मिश्रा, सुधीर सिंह, रंजना जी, बीबी तिवारी मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.