हापुड़, नवम्बर 20 -- पूज्य श्री मन्माध्व-गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज के श्रीमुख से गढ़ रोड स्थित राम मंदिर के पीछे चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन का आयोजन अत्यंत भाव-विभोर करने वाला रहा। भजन, कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन के मधुर स्वर के बीच शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा में महाराज ने श्रोताओं को जीवन के वास्तविक उद्देश्य, भगवन्नाम के महत्त्व और अन्तःकरण की निर्मलता की ओर उन्मुख किया। परम पूज्य परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ 108 स्वामी विवेकानन्द जी महाराज (न्यायवेदांताचार्य) तथा परम पूज्य 108 स्वामी रविन्द्रानंद महाराज की करुणा और आशीर्वाद इस समूची कथा-श्रृंखला पर अखंड रूप से बना हुआ है। कथा के तृतीय दिवस महाराज ने समझाया कि मनुष्य का सच्चा सौभाग्य प्रभु के चरणों में निष्काम भक्ति और सतत स्मरण से ही जागृत...
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