मिर्जापुर, नवम्बर 11 -- लहगंपुर। स्थानीय बाजार में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथा वाचक वृंदावन धाम के भरत कृष्ण शास्त्री महाराज ने सुदामा चरित, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के निजधाम गमन और दत्तात्रेय गुरु की कथा का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। उन्होंने बताया कि सुदामा चरित भगवान और भक्त के स्नेह का सर्वोत्तम उदाहरण है। जब निर्धन सुदामा सूखे चिउड़ा लेकर द्वारका पहुंचे तो भगवान श्रीकृष्ण स्वयं सिंहासन से उतरकर दौड़े और उन्हें गले लगाया। उन्होंने कहा कि सच्चे प्रेम में वैभव नहीं, बल्कि भावनाओं की गहराई ही ईश्वर तक पहुंचाती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के निजधाम गमन का करुण प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब भगवान ने पृथ्वी से अपना कार्य पूर्ण किया तब वे अपने लोक को लौट गए। पर जाते-जाते उन्होंने यह आश...