मथुरा, जनवरी 1 -- वात्सल्य ग्राम में साध्वी ऋतंभरा के जन्मोत्सव को गुरुवार को वात्सल्य दिवस के रूप में उनके अनुयायियों द्वारा श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। कड़कड़ाती ठंड के बीच देश भर से आए उनके शिष्यगणों एवं परमशक्ति पीठ के सहयोगियों ने अपने श्रद्धासुमन उन्हें समर्पित करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना प्रकट कीं। समारोह को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि देखा है कि लोग किसी की काया का वध कर देते हैं। लोग किसी के प्रति रुष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पहले के समय में स्टोव से बहू को ही पता नहीं क्यों जलाता था, सास, ननद को कैसे छोड़ देता था। अब उसकी दूसरी प्रतिक्रिया हो रही है। उन्होंने कहा कि अत्याचारी का जब अत्याचार बढ़ जाता है तो घर से ही क्रांति हो जाती है। उन्होंने कहा कि मनसा-वाचा-कर्मणा से हम एक नहीं रह पाते। ...