एटा, अक्टूबर 22 -- जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मजदूरी भुगतान में पूरी तरह पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सभी मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की फेस कैप्चरिंग और ई-केवाईसी की जा रही है। इस नई तकनीक से मजदूरों की हाजिरी में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी और केवल वास्तविक मजदूर को ही भुगतान हो सकेगा। डीसी मनरेगा प्रभुदयाल के अनुसार जिले में कुल 83 हजार 979 एक्टिव मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। इन सभी की आधार कार्ड लिंक फेस कैप्चरिंग और ई-केवाईसी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक सात हजार से अधिक मजदूरों की ई-केवाईसी और फेस कैप्चरिंग पूरी कराई जा चुकी है। नई व्यवस्था के तहत आधार लिंक सैटेलाइट हाजिरी ली जाएगी। यानि जब मजदूर कार्यस्थल पर पहुंचेंगे, तभी उनकी ह...