रांची, जनवरी 5 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने मनरेगा बचाओ संग्राम रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और मूल स्वरूप को बदलने की साजिश देश के गरीब, मजदूर, किसान और ग्रामीण भारत के खिलाफ एक सीधा हमला है। मनरेगा कोई योजनाभर नहीं है, यह संविधान प्रदत्त काम के अधिकार की गारंटी है। यह करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए भूख, बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ एक ढाल है। आज भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक कानून का नाम बदलकर पहचान मिटाना, स्वरूप बदलकर अधिकार छीनना और फंड घटाकर इसे निष्प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है। यह केवल नाम बदलने की कवायद नहीं है, यह महात्मा गांधी के विचारों, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर ग्राम-व्यवस्था पर हमला ह...