नई दिल्ली, फरवरी 2 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी की सरकार द्वारा दो दशक पहले शुरू की गई मनरेगा योजना गरीबों की जीवनरेखा थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे छीन लिया है। एक्स पर एक पोस्ट में खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) सिर्फ एक प्रशासनिक योजना नहीं थी, बल्कि संविधान के अंतर्गत, करोड़ों मजदूरों के काम का अधिकार है। ठीक 20 साल पहले, कांग्रेस की यूपीए सरकार ने यह योजना आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से चालू की थी। इस योजना पर भारत सरकार ने अब तक करीब 10.63 लाख करोड़ खर्च किए, जो मनरेगा मजदूरों को दो जून की रोटी, उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन रोकने और उनको शोषण से मुक्त करने में काम आई। मनरेगा के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 4879 करोड़ व्यक्ति-दिवस का रोजगार पै...
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