हल्द्वानी, दिसम्बर 16 -- हल्द्वानी/देहरादून, मुख्य संवाददाता। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने महात्मा गांधी रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) किए जाने को ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि नया कानून मनरेगा के मूल सिद्धांत मांग पर आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी को कमजोर करता है। मंगलवार को प्रेस को जारी बयान में आर्य ने कहा कि नाम बदलने से बेरोजगारी या महंगाई कम नहीं होगी। कांग्रेस पार्टी ऐसे प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेगी और गरीबों व मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। आर्य ने बताया कि मनरेगा में पहले केंद्र का अंशदान 90 प्रतिशत और राज्यों का 10 प्रतिशत था, जबकि नई व्यवस्था में केंद्र 60 प्रतिशत और राज्य 40 प्रतिशत ख...