जमशेदपुर, दिसम्बर 23 -- भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के बुनियादी स्वरूप में बदलाव के कदम के खिलाफ वामपंथी दलों ने सोमवार को अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाया। इस क्रम में भाकपा और माकपा की ओर से साकची के बिरसा चौक पर संयुक्त रूप से नुक्कड़ सभा आयोजित की गई और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया। वामदलों ने कहा कि मनरेगा एक सार्वभौमिक कानून है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में काम का सीमित अधिकार सुनिश्चित करता है। इसे वर्ष 2005 में वामपंथी दलों की पहल पर यूपीए सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत लागू किया गया था। आरोप लगाया गया कि अब इसे बदलकर लाए गए 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025' के जरिए केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियां राज्यों पर डाल रही है। वामदलों ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.