वाराणसी, दिसम्बर 23 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। मनरेगा में किए बदलाव के विरोध में वामपंथी दलों (सीपीएम, सीपीआई, भाकपा माले) ने सोमवार को वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर धरना दिया। मुख्य वक्ता डॉ. हीरालाल यादव कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किया गया बदलाव गांव के गरीबों के काम पाने के अधिकार को सीमित करता है। बढ़ती ग्रामीण बेरोजगारी की स्थिति में जब गरीबों को और ज्यादा काम देने की आवश्यकता है, उसे सीमित करना गरीब विरोधी कदम है, बदला हुआ कानून विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) में फंड के मामले में अधिक बोझ राज्यों पर डाला गया है। जिसे राज्य सरकारों के लिए पूरा करना मुश्किल है। योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। इस दौरान डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम पत्र दिया गया। इसमें महात्मा गां...
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