जमशेदपुर, दिसम्बर 28 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की पूर्वी सिंहभूम जिला संयोजक मंडली की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में शनिवार को जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया। इस दौरान झामुमो नेताओं ने केन्द्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने निहित स्वार्थ वश योजनाओं का नाम बदलने का आरोप लगाया। कहा, पहले इस योजना में केन्द्र-राज्य का अंशदान क्रमश: 90 और 10 प्रतिशत था जो अब 60-40 होने जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों पर दबाव बढ़ेगा। झारखंड पर 1500 करोड़ का अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा, जो अनुचित है। दरअसल इसका उद्देश्य गैर भाजपा शासित राज्यों के ढांचे को कमजोर करना है। इसके खिलाफ विपक्ष ने सदन में तो आवाज उठाई ही, सड़क पर भी आंदोलन होगा। और अगर विधि व्यवस्था बिगड़ी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होगी। बाद में पार्टी के प्रति...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.