रांची, दिसम्बर 7 -- रांची, संवाददाता। मध्यस्थता को न्यायिक प्रणाली में परिवर्तनकारी कदम बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि "निर्णयन में एक पक्ष जीतता है और दूसरा हारता है, लेकिन मध्यस्थता में समाज जीतता है।" उन्होंने रविवार को झालसा सभागार में 40 घंटे के हाइब्रिड मोड मध्यस्थता प्रशिक्षण के प्रथम बैच का शुभारंभ करते हुए उक्त बातें कही। आगे कहा कि लंबित मामलों को कम करने और शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता ही सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पक्षकारों में विश्वास और धैर्य बनाए रखना मध्यस्थ का प्रमुख दायित्व है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की भूमिका को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सुप्रीम कोर्ट के एमसीपीसी आदेश के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में कुल 56 न्...