भागलपुर, दिसम्बर 25 -- मधेपुरा, संवाद सूत्र। शहर के मध्य विद्यालय जगजीवन आश्रम परिसर में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शैक्षणिक गतिविधियों, अभिभावकों की भूमिका आदि पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. चंदा कुमारी ने शैक्षणिक गतिविधियों एवं अभिभावकों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश की आत्मा उसके विद्यालयों में बसती है। गाँव-गाँव, कस्बे-कस्बे में फैले सरकारी विद्यालय केवल बच्चों को शिक्षा देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समानता, नागरिक जिम्मेदारी और भविष्य की पीढ़ियों के निर्माण के केंद्र हैं। आज आवश्यकता है कि जहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर जीवन मूल्यों, नवाचार और नागरिकता के संस्कारों से जुड़ जाए।
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