सुपौल, जुलाई 26 -- करजाईन बाजार, एक संवाददाता मिथिलांचल के नवविवाहिताओं का पर्व मधुश्रवाणी 27 जुलाई को विश्राम होगा। मधुश्रावणी पर्व मिथिलांचल की अनेक सांस्कृतिक विशिष्टताओं में से एक है। इस त्योहार को नवविवाहिताएं काफी आस्था और उल्लास के साथ मनाती हैं। मिथिलांचल में नवविवाहिताओं द्वारा यह व्रत अपने सुहाग की रक्षा एवं गृहस्थाश्रम धर्म में मर्यादा के साथ जीवन निर्वाह के लिए रखा जाता है। इस पर्व के 14 दिन पूर्व से ही प्रतिदिन नवविवाहिताएं प्रकृति के अद्भुत अनुपम भेंट यथा पुष्प-पत्र इत्यादि को एकत्रित करती हैं तथा मिट्टी के नाग-नागिन, हाथी इत्यादि बनाकर दूध-लावे के साथ विशेष पूजन करने के साथ साथ कथा भी श्रवण करती हैं, जो जीवन में एक अद्भुत यादगार क्षण के रूप में सदा के लिए प्रतिष्ठित हो जाता है। मान्यता है कि वैदिक काल से ही मिथिलांचल में पव...