गिरडीह, अगस्त 29 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। जैन परंपरा में आत्मशुद्धि का महापर्व दक्षलक्षण पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा अर्थात क्षमायाचना व दूसरे को क्षमा करने की प्रेरणा देता है। उत्तम क्षमा धर्म के पालन से सम्यक दर्शन की प्राप्ति होती है। सम्मेदशिखर जी मधुबन में जगह जगह धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन कर दसलक्षण पर्व की शुरुआत की गई। साधु साध्वी के सानिध्य में पूजा आराधना की गई। बताया जाता है कि दिगम्बर परंपरा में दक्षलक्षण महापर्व का विशेष महत्व है। साधु संतों के सानिध्य में जैन अनुआई दस दिनों तक लगातार भक्ति भावना के साथ दस धर्मों का पालन करेंगे। प्रतिदिन देव दर्शन, पूजा आराधना व भक्ति भावना में लीन होकर दिन व्यतीत करेंगे। दक्षलक्षण महापर्व की शुरुआत गुरुवार को धार्मिक विधि विधान से किया गया। साधु संतों के सानिध्य में मधुबन के विभिन्न धर्मशाला...
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