गिरडीह, नवम्बर 29 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों की निर्वाण भूमि सिद्धक्षेत्र सम्मेदशिखर जी में आयोजित मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन जिनेन्द्र भगवान का भव्य गर्भकल्याणक मनाया गया। इस दौरान गगनभेदी मंत्रोच्चारण के साथ धार्मिक विधियां पूरी की गई। भगवान के गर्भकल्याणक विधियों से मधुबन का माहौल भक्तिमय हो उठा। बताया जाता है कि मधुबन में साधनारत आचार्य तन्मय सागर जी महाराज की प्रेरणा के भव्य तनमोदय साधना केंद्र सह लाल मंदिर का निर्माण किया गया है। नवनिर्मित लाल मंदिर में विराजमान भव्य जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा को धार्मिक विधि विधान से प्रतिष्ठित किया जा रहा है। प्रतिमा प्रतिष्ठा के निमित पंचकल्याणक अर्थात भगवान के गर्भ कल्याणक से लेकर मोक्ष कल्याणक तक की विधियां पूरी की जायेगी। पांच दिव...
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