गिरडीह, जून 1 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। जैन परम्परा में ज्ञान आराधना का महापर्व श्रुतपंचमी पर सम्मेदशिखर मधुबन में भव्य रूप से मनाया गया। श्रुतपंचमी महापर्व के अवसर पर साधु संतों के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा पाठ व कई धार्मिक विधियां पूरी की गई। श्रुतपंचमी के दिन मधुबन में गाजे-बाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। साधु संतों द्वारा श्रुतपंचमी की महत्ता बताई गई। बताया गया कि जैन धर्म मे ज्ञान के प्रकाश को बिखरनेवाला श्रुतपंचमी का विशेष महत्व है। श्रुतपंचमी को जिनवाणी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। जैन ग्रंथ के अनुसार पहले भगवान महावीर स्वामी के दर्शन को लिखने की परंपरा नहीं थी। कथा सुनकर स्मरण किया जाता था पर ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि को साधु संतों के द्वारा भगवान महावीर स्वामी के दर्शन को पहली बार लिखित ग्रंथ के रूप में प्रस्तुत...
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