सहरसा, जनवरी 21 -- कहरा, एक संवाददाता। चैनपुर स्थित नीलकंठ मंदिर परिसर में सोमवार को मिथिला रत्न पं स्व मधुकांत झा मधुकर की 102वीं जयंती समारोह श्रद्धा एवं सम्मान के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। नरेन्द्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता एवं अमरनाथ झा के संचालन में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने मधुकर जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मधुकर जी ने हजारों महेश वाणी, देवी भजन, नारद भक्ति सूत्र का मैथिली अनुवाद तथा शंकराचार्य प्रश्नोत्तरी का पद्यानुवाद कर मैथिली साहित्य को समृद्ध किया। वे देवादिदेव महादेव के अनन्य भक्त थे और क्षेत्र में उन्हें विद्यापति के समकक्ष माना जाता था। उनके द्वारा रचित शिव भजन आज भी श्रद्धालुओं द्वारा गाए जाते हैं। इससे पूर्व स्थानीय मुखिया सविता देवी ने ...