बागपत, मई 11 -- मां-बाप का पूरा जीवन अपने बच्चे को सफलता की ऊंचाईयों तक पहुंचाने में लग जाता है। जब बच्चा अपनी सफलता के कदम चूम लेता है तब मां-बाप को सुकून का अहसास होता है। बच्चा हो, किशोर हो नौजवान हो या फिर बुढ़ापे के दिन, थोड़ी सा दर्द महसूस होने पर सिर्फ मां की आवाज निकलती है। अपने बच्चे को इस जिंदगी में आगे बढ़ाने में मां का रोल काफी अहम होता है। बच्चा ऊंचाईयों तक पहुंचने के बाद भी मां को नहीं भूल सकता। आज कई हस्तियां ऐसी है, जो काफी बडे़ मुकाम पर पहुंच चुकी है और उनके इस मुकाम में उनकी मां का बहुत बड़ा हाथ है। कहा जाता है कि बेटियों के सर पर पिता का हाथ होना बेहद जरूरी होता है तभी वे प्रतिस्पर्धा से भरी दुनिया से पार पाकर अपनी एक अलग पहचान कायम कर पाती हैं। रूपल राणा: सिविल सविर्सिज में 26वीं रैंक हासिल करने वाली बड़ौत निवासी रूपल राणा ...
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